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हिंदू धर्म और हिंदुत्व मे फर्क

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हिंदू धर्म और हिंदुत्व मे फर्क हिंदू धर्म भारत का प्राचीन धर्म है। इसमें बहुत सारे संप्रदाय हैं। संप्रदायों को मानने वाला व्यक्ति अपने आपको हिंदू कहता है लेकिन हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है जिसका प्रतिपादन 1924 में वीडी सावरकर ने अपनी किताब 'हिंदुत्व में किया था। सावरकर इटली के उदार राष्ट्रवादी चिंतक माजिनी से बहुत प्रभावित हुए थे। उनके विचारों से प्रभावित होकर ही उन्होंने हिंदुत्व का राजनीतिक अभियान का मंच बनाने की कोशिश की थी। सावरकर ने हिंदुत्व की परिभाषा भी दी। उनके अनुसार -''हिंदू वह है जो सिंधु नदी से समुद्र तक के भारतवर्ष को अपनी पितृभूमि और पुण्यभूमि माने। इस विचारधारा को ही हिंदुत्व नाम दिया गया है। ज़ाहिर है हिंदुत्व को हिंदू धर्म से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन हिंदू धर्म और हिंदुत्व में शाब्दिक समानता के चलते पर्यायवाची होने का बोध होता है। इसी भ्रम के चलते कई बार सांप्रदायिकता के खतरे भी पैदा हो जाते हैं। धर्म और सांप्रदायिकता के सवाल पर कोई भी सार्थक बहस शुरू करने के पहले यह जरूरी है कि धर्म के स्वरूप और उसके दर्शन को समझने की कोशिश की जाये। आरंभि...

लॉकडाउन क्या है।

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लॉकडाउन देश में किसी कारणवश किये गए बंदी को हम लॉकडाउन कहते हैं। इस अवधि में न कोई व्यक्ति सड़क पर घूम सकता है, न तो कोई दुकानें खुली होती हैं और न ही स्कूल। अगर सड़कों पर कोई होता है तो वो है पुलिस और वे लोगों को चेतावनी देते रहते है की अंदर रहें। यह बहुत ही आवश्यक होने पर ही किया जाता है जब देश किसी संकट में रहता है। यह एक प्रकार की आपातकालीन स्थिति है और भारत में इसे 25 मार्च से 14 अप्रैल तक रखा गया। भारत में क्यों किया गया लॉकडाउन कोरोना एक जानलेवा वायरस का नाम है जो की बड़ी तेजी से पूरे विश्व में फ़ैल रहा है। इसकी शुरुवात चीन में हुई थी जो की धीरे-धीरे पूरे विश्व में फ़ैल गया। इटली, स्पेन, यूएस कुछ ऐसे देश हैं जो इससे बुरी तरह ग्रसित हैं और इन देशों में हालात बेकाबू हो चुके हैं और सरकार कुछ नहीं कर पा रही। इन सबसे सबक लेते हुए और भारत में ऐसी स्थिति न आये इस लिये सरकार ने ऐसे बड़े कदम उठाये। कोरोना से बचाव ही इससे बचने का सर्वोत्तम उपाय है। आपस में 5-6 फ़ीट की दूरी बनाये रखना, मास्क पहनना, हाथों को समय-समय पर साबुन से कम से कम 20 सेकेंड तक धोना ही इसका इलाज है। और सा...

कोविड-19 क्या है।

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कोविड-19  कोरोनावायरसकोविड-19, जो अब एक महामारी का रूप ले लिया है। यह बहुत ही खतरनाक बीमारी है, जिसकी दवा अब तक नहीं खोजी गयी है परंतु सुझाये गए बचाव के तरीकों का पालन कर के इससे बचा जा सकता है। कोरोना से संक्रमित होने के 4 से 14 दिनों में इसके प्रभाव नजर आते हैं। आईये इसे विस्तार में जानें। क्या है कोरोना के प्रमुख लक्षण एक कोरोना प्रभावित व्यक्ति में तुरंत असर नहीं दिखता, उसमे इसके लक्षण दिखने में करीब 14 दिन भी लग जाते हैं। इस लिये यदि आप कही संक्रमित क्षेत्र से आये हों या आपको जरा भी संदेह हो तो खुद को सब से अलग कर लें और जब तक खून की जांच का रिपोर्ट नहीं आजाता खुद को सुरक्षित रखें। इसके लक्षण इस प्रकार हैं: सुखी ख़ासी आना बुखार का रहना सर्दी होना शरीर में अकड़न और दर्द पूरा दिन थकान महसूस करना सांस लेने में तकलीफ। गले में खराश। कैसे बचें कोरोना से कोरोना से बचने का सबसे अच्छा उपाय है की स्वयं की देखभाल करें। आप जितना ज्यादा खुद को सुरक्षित करेंगे उतना ही कम कोरोना होने की संभावना रहेगी। यह पाया गया है की जिसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है, व...

एसटीईटी परीक्षा रद्द, अभाविप ने काला दिवस माना कर किया विरोध।

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अभाविप ने पूरे बिहार मे एस.टी.ई. टी परीक्षा रद्ध करने के विरुद्ध काला दिवस मनाया,सरकार करे पुनर्विचार अन्यथा होगा चरणबद्ध आंदोलन। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बिहार ने राज्यव्यापी आंदोलन कर राज्य सरकार के विरुद्ध नाराजगी प्रगट की. अभाविप ने एसटीईटी परीक्षा रद्द होने पर काला दिवस के रूप में मनाया गया है. काला दिवस मनाते हुए हजारों छात्रो ने काली पट्टी बांधकर सरकार का विरोध किया. प्रदेश मंत्री लक्ष्मी कुमारी  ने कहा कि एसटीईटी की परीक्षा रद्द करने का निर्णय गलत है. राज्य के 2950 नये हाई स्कूल में 9वीं की पढ़ाई इस सेशन 2020  से ही शुरू करने का सरकार के द्वारा आदेश बिना शिक्षक बहाली के कैसे संभव हो सकता है?  इसलिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का मत है कि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार करें. कोर्ट के निर्णय से पूर्व एसटीईटी परीक्षा रद्द किया जाना कोर्ट का अवमानना भी है. इस निर्णय से कई प्रश्न खड़े होते हैं की आखिर किन लोगों और पदाधिकारियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास हो रहे हैं। बिहार की शिक्षा व्यवस्था -भ्रष्ट तंत्र के नतमस्तक हो गई है जिसका प...